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कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी होती है यूरिन की जांच, किन बातों का रखना चाहिठधà¥à¤¯à¤¾à¤¨
Importance of Urine Test: यूरिन टेसà¥à¤Ÿ के बारे में आपको जानकारी जरूर होगी. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि आमतौर पर बीमारियों के उपचार में होने वाली यह à¤à¤• सामानà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है. साधारण रोगों से लेकर गंà¤à¥€à¤° रोगों तक के इलाज के दौरान यूरिन टेसà¥à¤Ÿ कराया जाता है. अब जैसे-जैसे सेहत के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लोगों में जागरूकता बढ़ रही है, लोग रेगà¥à¤¯à¥à¤²à¤° रूप से à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ अंतराल के बाद अपना यूरिन टेसà¥à¤Ÿ कराना सही समà¤à¤¤à¥‡ हैं. अब सवाल यह उठता है कि आखिर हमारी हेलà¥à¤¥ के बारे में यूरिन à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ संकेत देता है, जिसके चलते डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ को यह शरीर के अंदर के राज पता चल जाते हैं...
यूरिन टेसà¥à¤Ÿ की जरूरत कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है?
यूरिन टेसà¥à¤Ÿ के दौरान यूरिन को माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोपिक, à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• और रासायनिक यानी केमिकल जांचों से गà¥à¤œà¤¾à¤°à¤¾ जाता है. इस दौरान यूरिन में यदि किसी à¤à¥€ तरह की गैर जरूरी मिलावट होती है तो इसके माधà¥à¤¯à¤® से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ की बीमारी और इसके कारण के बारे में पता चल जाता है. जैसे, यूरिन में बà¥à¤²à¤¡ सेलà¥à¤¸ मिलना, बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मिलना, बॉडी सेलà¥à¤¸ के पीस मिलना या शरीर के किसी अनà¥à¤¯ अवà¥à¤¯à¤µ जैसे, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की अधिकता होना (Why urine test required?).
जब जांच के दौरान यूरिन में इस तरह का कोई à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ कंपोजिशन पाया जाता है, जो कि नहीं होना चाहिठतो इससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के शरीर के अंदर पल रहे रोग के बारे में काफी जानकारी मिल जाती है. ना केवल रोग का पता चलता है बलà¥à¤•ि इस रोग की वजह के रूप में शरीर के अंदर जो कारक विकसित हà¥à¤ हैं, उनके बारे में à¤à¥€ जानकारी मिल जाती है.
किन बीमारियों में कराई जाती है यूरिन की जांच?
कà¥à¤› à¤à¤¸à¤¾ फिकà¥à¤¸ करना उचित नहीं है कि इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ बीमारियों में यूरिन की जांच कराई जाती है. लेकिन जब डॉकà¥à¤Ÿà¤° यूरिन की जांच की सलाह देते हैं तो à¤à¤¸à¤¾ किन बीमारियों में या बीमारी होने का शक में मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से करते हैं, उनके बारे में यहां बताया गया है...
डायबिटीज यानी शà¥à¤—र की बीमारी
लिवर संबंधी बीमारियां
यूरिन इंफेकà¥à¤¶à¤¨ होने पर
किडनी की बीमारियां होने पर
यूरिन पास करने में होने वाले दरà¥à¤¦ के कारण
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ में
यूरिन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं, जैसे यूरिन में à¤à¤¾à¤— अधिक आना, यूरिन का कलर बदलना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ में.
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में
यूरिन टेसà¥à¤Ÿ कराने से पहले कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
यदि आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने यूरिन टेसà¥à¤Ÿ की सलाह दी है या फिर आप खà¥à¤¦ अपनी संतà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठयह जांच करा लेना चाहते हैं तो इस जांच के लिठसैंपल देने से पहले इन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें...
टेसà¥à¤Ÿ के लिठयूरिन सैंपल देने से इस बात को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप डेली लाइफ में सही मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीते हैं. हर दिन कम से कम 8 से 10 पानी पीना जरूरी होता है. यदि इससे कम पानी पी रहे हैं तो जांच के लिठयूरिन देने से कà¥à¤› दिन पहले से पानी की मातà¥à¤°à¤¾ जरूर सà¥à¤§à¤¾à¤° लें.
नींद परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ रखें. देर रात तक जागना और कà¥à¤› ना कà¥à¤› खाते रहना, à¤à¤¸à¤¾ ना करें. ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जांच को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती हैं.
जांच से कà¥à¤› दिन पहले से ही सामानà¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करें और फासà¥à¤Ÿà¤«à¥‚ड, हाई शà¥à¤—र फूड जैसी चीजें सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में ही लें.
यूरिन जांच के लिठमà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से दिन का पहला यूरिन देना होता है. लेकिन इस बारे में पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह अवशà¥à¤¯ कर लें.
यदि आप रेगà¥à¤¯à¥à¤²à¤° बेसिस पर किसी तरह की दवाà¤à¤‚ ले रहे हैं तो à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ को जरूर बता दें. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ जांच को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती हैं.
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